खतौनी में फीडिंग के नाम पर संबंधित अधिकारियों द्वारा रुपए लेने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।
सरकारी अधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग खतौनीयो में गाटा संख्या मे 6-2 फीडिंग से ग्रामीणों में आक्रोश।
खतौनी में फीडिंग के नाम पर संबंधित अधिकारियों द्वारा रुपए लेने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को धनघटा तहसील अंतर्गत छपरा पूर्वी तथा कोचरी के ग्रामीणों ने एस डी एम तथा लेखपाल और संबंधित अधिकारियों के द्वारा हर खतौनी में फीडिंग के दौरान गाटा संख्या में 6-2 को दर्शाया जा रहा है खतौनी फीडिंग के नाम पर रुपए लेने को लेकर आज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए न्याय का गुहार लगाया।


आपको बताते चलें कि जनपद अंतर्गत धनघटा थाना छपरा पूर्वी तथा कोचरी ग्राम पंचायत आज तक कभी चकबंदी नहीं हुआ।
ऑनलाइन खतौनी की फीडिंग का कार्य चल रहा है इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा खतौनी फीडिंग के नाम पर 5 हजार से 10 हजार रुपए तक की मांग किया जा रहा है।
खतौनी फीडिंग के दौरान हर एक गाटा संख्या में श्रेणी 6-2 दर्शाया जा रहा है।
खतौनी में श्रेणी 6-2 का मतलब ऐसी अकृषिक भूमि से है, जो सार्वजनिक उपयोग के कार्यों, जैसे- सड़कें, रेलवे, सरकारी भवन, या आबादी के लिए इस्तेमाल होती है। यह भूमि आमतौर पर ग्राम सभा (पंचायत) के अधीन होती है और इसका उपयोग खेती के अलावा अन्य कार्यों के लिए किया जाता है।
श्रेणी 6-2 के मुख्य बिंदुः।
अकृषिक उपयोगः यह भूमि कृषि योग्य नहीं, बल्कि विकास कार्यों के लिए आरक्षित होती है।
सार्वजनिक हितः इसमें पंचायत घर, सरकारी आवास, या सामुदायिक भवन जैसे स्थल शामिल होते हैं।
स्वामित्वः यह भूमि सरकारी या ग्राम सभा की संपत्ति होती है।
आबादी भूमिः कभी-कभी यह ग्रामवासियों के रहने (आबादी) की भूमि को भी दर्शाती है।
जिससे आने वाले समय में ग्रामीणों के खतौनी में इस तरह के फीडिंग से बहुत बड़ी समस्याएं लोगों के सामने आएगी। जिसको लेकर आज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जिला अधिकारी आलोक कुमार को अपनी समस्याएं बताई।
इस मामले पर जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा मीडिया को बताया गया कि इस मामले में सत्यता पाई गई है इसके लिए 22 फरवरी को चौपाल लगाकर इस मामले का निस्तारण किया जाएगा।
