पारापरसरामपुर में सजा स्वास्थ्य मेले का रंग, 594 ग्रामीणों ने कराई जांच।
पारापरसरामपुर में सजा स्वास्थ्य मेले का रंग, 594 ग्रामीणों ने कराई जांच।
परिवार नियोजन, बाल विवाह और शिक्षा पर लोकमाध्यम के जरिए दिया गया संदेश।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 16 फरवरी।
ग्राम पारापरसरामपुर, ब्लॉक जरवल में आयोजित स्वास्थ्य मेले ने ग्रामीणों को उनके गांव में ही समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। मेले का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की आधारशिला सुरक्षित मातृत्व और सशक्त बेटियों से निर्मित होती है। कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है, जबकि स्वास्थ्य की दृष्टि से 20 वर्ष के बाद गर्भधारण अधिक सुरक्षित माना जाता है। कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से मातृ एवं शिशु मृत्यु व जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समुदाय को जागरूक होकर सही उम्र में विवाह और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना चाहिए।

मेले में कुल 594 पुरुष एवं महिलाओं का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 452 लाभार्थियों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं दवा वितरण का लाभ 259 लोगों को मिला। परिवार नियोजन सेवाओं के तहत 49 दंपतियों को परामर्श एवं आवश्यक सेवाएं प्रदान की गईं।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 45 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए, जिससे वे पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार के पात्र होंगे। किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु 35 बालिकाओं को सैनिटरी पैड वितरित किए गए।
स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए ‘स्नेक एंड लैडर’ जैसे रोचक खेल का आयोजन किया गया, जिसमें 42 बच्चों ने भाग लेकर पुरस्कार प्राप्त किए। खेल के माध्यम से स्वच्छता, पोषण और शिक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया।
इस मौके पर डीपीएम मोहम्मद राशिद ने कहा कि परिवार नियोजन सेवाएं दंपतियों को सुरक्षित अंतराल रखने और स्वस्थ परिवार निर्माण में सहयोग देती हैं। उन्होंने कहा कि दो गर्भधारण के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखना मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

मेले में आयोजित फोल्क मीडिया शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लोक कलाकारों ने परिवार नियोजन, बाल विवाह निषेध और बालिका शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गीत, संगीत और नाटक के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया। ग्रामीणों ने कार्यक्रम को सराहा और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सजग रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मोबियस फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रभात कुमार, भारत स्काउट गाइड के कल्लन इदरीसी, ग्राम प्रधान छिट्टू प्रसाद, आरबीएसके टीम जरवल से डॉ. समा एवं डॉ. अभिषेक, आयुष्मान मित्र, एएफएचएस काउंसलर रविंद्र चौधरी, आशा, एएनएम, सीएचओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनआरएलएम समूह की महिलाएं, पीसी व फील्ड ऑफिसर जरवल, पीएफआई के फील्ड फेसिलिटेटर तथा थाना प्रभारी एवं उनके तीन सब-इंस्पेक्टर उपस्थित रहे।
