संत कबीर नगर- आबकारी साहबों की मेहरबानी से लाइसेंस धारी नियमों की उड़ा रहे है धज्जियाँ।
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लाइसेंस लोहरैया का, दुकान कहीं और। आबकारी साहबों की मेहरबानी से लाइसेंस धारी नियमों की उड़ा रहे है धज्जियाँ।
सइया भये कोतवाल अब डर काहे का, इस कहावत को चरितार्थ करते नजर आ रहे आबकारी विभाग के अधिकारी।
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर ताड़ा के ग्रामीणों लगाया गंभीर आरोप।
लोहरैया में कंपोजिट शराब की दुकान का लाइसेंस कही का और हो रहा है संचालित कही और।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संत कबीर नगर-

आज दिनांक 10 जनवरी 2026 को लोहरैया क्षेत्र के लोग आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
जिसको लेकर आज ताड़ा के ग्रामीणों द्वारा जमकर विरोध व शराब के दुकान के सामने जमकर प्रदर्शन किया गया।

आपको बताते चले कि पुराने समय में एक कहावत प्रचलित था—
“सैया भये कोतवाल अब डर काहे का” जिसको संत कबीर नगर के कुछ सम्मानित अधिकारियों ने इसको चरितार्थ कर दिखाया।
जी हां
आपको बताते चले कि संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत लोहरैया के नाम से आवंटित कम्पोजिट इंग्लिश वियर और देशी शराब की दुकानें नियत स्थान से अलग जगह ताड़ा में संचालित हो रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के मुताबिक, कम्पोजिट इंग्लिश वियर की दुकान लोहरैया के नाम से लाइसेंस प्राप्त है।
लेकिन यह टांडा में चल रही है। वहीं, देशी शराब की दुकान वारिडीहा में संचालित हो रही है।
इस अनियमितता को लेकर स्थानीय निवासी ने आबकारी विभाग, जिला अधिकारी, धनघटा एसडीएम और पुलिस अधीक्षक सहित सभी आला अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है।
उन्होंने मांग की है कि इन दुकानों को तुरंत मूल स्थान लोहरैया में स्थानांतरित किया जाए। “कम्पोजिट इंग्लिश वियर की दुकान हमारे घर के ठीक बगल में टांडा में खुली हुई है।
इससे परिवार की महिलाओं और बच्चियों का सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है। अगल बगल रह रहे लोगों के मकानों के सामने शराब पीने वाले लोग शराब के नशे में पेशाब भी कर देते है मना करने पर शराबी लोग झगड़ा करने को तैयार हो जाते है,

स्कूल जाने वाली छात्राएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं। इसको लेकर ग्रामीणों द्वारा अब तक दर्जनों आर0जी 0एस0 किया जा चुका है लेकिन आबकारी विभाग द्वारा अब-तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी, “अगर जिला प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो हम यह मामला सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठाएंगे।“आबकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
