संतकबीर नगर- DPRO मनोज यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जांच के निर्देश !
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DPRO मनोज यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जांच के निर्देश !
संतकबीर नगर-
जनपद अंतर्गत जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) मनोज कुमार यादव पर भ्रष्टाचार, सरकारी धन की लूट और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है। यह सनसनीखेज आरोप प्रयागराज के सामाजिक कार्यकर्ता पी०एल० आहूजा ने उत्तर प्रदेश शासन को भेजी शिकायत में लगाया है।शिकायत के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए बस्ती मंडल के उप निदेशक (पंचायत) ने DPRO को सिर्फ 48 घंटे के भीतर सभी आरोपों पर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का अंतिम मौका दिया है। उप निदेशक (पंचायत) समरजीत यादव द्वारा दिनांक 12 नवम्बर, 2025 को जारी अनुस्मारक-1 पत्र में कहा गया है कि शासन के सख्त निर्देश के बावजूद DPRO मनोज कुमार यादव ने पहले भेजे गए नोटिस (पत्रांक-782, दिनांक 03.10.2025) का कोई जवाब नहीं दिया। उप निदेशक ने इसे अत्यन्त ही लापरवाही का द्योतक बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने DPRO को चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिन के भीतर अभिकथन एवं प्रकरण से सम्बन्धित अभिलेखों एवं साक्ष्यों सहित उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए इसकी सूचना शासन/निदेशालय को भेज दी जाएगी। बताते चले कि सामाजिक कार्यकर्ता पी०एल० आहूजा ने दिनांक 25.06.2025 को प्रमुख सचिव पंचायती राज को संबोधित अपने शिकायत पत्र में DPRO मनोज कुमार यादव पर कुल सात बिंदुओं पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है जिनमें वेतन में बड़ी हेराफेरी: गलत पे-लेवल (5400 ग्रेड पे) पर त्रुटिपूर्ण तरीके से वेतन (₹53,100-₹1,67,800) आहरित करने का आरोप। साथ ही अपनी मूल सेवापुस्तिका को स्वयं पास रखने के कारण ए०सी०पी० प्रस्ताव उपलब्ध न कराकर सरकारी खजाने को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने का आरोप सहित संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों का 2 से 3 माह तक मानदेय रोकने और निकालने की धमकी देकर अपरोक्ष रूप से मानदेय में धनराशि की मांग करने का सनसनीखेज आरोप भी शामिल है। इसके अलावा DPRO पर सरकारी गाड़ी से लखनऊ स्थित अपने घर जाने, अपने ही बिरादरी के सफाई कर्मी से गाड़ी चलवाने और लॉग बुक में बड़े पैमाने पर डीजल की हेराफेरी कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप। DPRO पर अपर जिला पंचायत राज अधिकारी सुल्तानपुर का कार्यभार न देखकर सिर्फ संतकबीरनगर का कार्यभार देखने का आरोप और 2018 और 2022 में नियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत का प्रभार और वित्तीय अधिकार देने के लिए डोंगल एक्टिवेट कराने का आरोप भी लगा है जो शासनादेशों का घोर उल्लंघन माना जा रहा है। DPRO पर सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारी के वेतन में हर माह रोड़ा लगाकर 5-6 माह तक वेतन न देने और पेशगी एवं मनमाना धनराशि मिलने पर ही बकाया वेतन और एरियर का भुगतान करने का आरोप भी लगा है जिसके पुष्टि कुछ स्थानीय सचिवों और पंचायत अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर हमें बताया है। DPRO पर ग्राम पंचायतों की जाँच रिपोर्ट न देने और बड़े पैमाने पर पेशगी एवं मनमाना धनराशि मिलने के बाद ही ग्राम पंचायतों को जाँच से मुक्ति देने का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने पत्र के अंत में मांग की है कि DPRO मनोज कुमार यादव को तत्काल निलंबित कर संतकबीर नगर से हटाया जाए, और निष्पक्ष जाँच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे माननीय हाईकोर्ट में PIL (जनहित याचिका) दाखिल करेंगे। वही डीपीआरओ मनोज कुमार यादव ने कहा जो आरोप लगे है वो बिल्कुल निराधार है, प्रभारी डीपीआरओ ने बताया कि सारे आरोप निराधार हैं। GG कही भी किसी तरह का। कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। द्वेष के कारण इस तरह की शिकायतें की गई हैं।
