1500वें ईद मिलादुन्नबी पर दरगाह शरीफ के शाही इमाम अरशदुल कादरी का खास पैगाम
1500वें ईद मिलादुन्नबी पर दरगाह शरीफ के शाही इमाम अरशदुल कादरी का खास पैगाम
* रिपोर्टर दिलशाद अहमद
* आज का भारत लाइव
बहराइच। दरगाह शरीफ हजरत सैय्यद सालार मसूद गाज़ी रह अलै शाही मस्जिद के इमाम अरशदुल कादरी ने 1500वें ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शहर वासियों को एक खास पैगाम दिया है और 5 सितंबर 2025 को जुलूस ए मुहम्मदी निकाला जाएगा। इस जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से उन्होंने कुछ खास अपील की हैं।
जुलूस में अनुशासन और शांति बनाए रखने के लिए अपील
इमाम अरशदुल कादरी ने जुलूस में शामिल लोगों से अपील की है कि वे रोड के एक साइड होकर चलें और किसी को भी किसी प्रकार की तकलीफ न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस में शामिल लोग एम्बुलेंस या जरूरी वाहनों को रास्ता देते हुए जुलूस निकालें। इस तरह के अनुशासन से न केवल जुलूस की शोभा बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
जुमा की नमाज का ध्यान रखें
इमाम ने दरगाह इलाके के जुलूस के लिए सुबह 7 बजे पूर्वी गेट पर एकत्रित होने का समय निर्धारित किया है और जुलूस को जुमा नमाज से पहले समाप्त करने की अपील की है। इससे जुलूस में शामिल लोगों को जुमा की नमाज अदा करने में आसानी होगी और नमाज की अहमियत भी बनी रहेगी।इमाम साहब ने जुलूस में शामिल लोगों से अपील की है कि वे नात ए नबी और मिलाद ए नबी में डीजे साउंड का उपयोग करें, लेकिन ध्यान रखें कि यह शांति भंग न करे। इससे जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ेगा और हुजूर की पैदाइश की खुशी में चार चांद लगेंगे।
सुरक्षा के लिए विशेष अपील
इमाम ने जुलूसों में शामिल लोगों से अपील की है कि वे लोहे और स्टील के रॉड झंडों में प्रयोग न करें और जुलूस में शांति और सौहार्द बनाए रखें। इससे जुलूस में शामिल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा।
जुलूस ए मुहम्मदी की महत्ता
जुलूस ए मुहम्मदी हुजूर की पैदाइश की खुशी में निकाला जाने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस जुलूस में शामिल होकर लोग हुजूर की शिक्षाओं को याद करते हैं और उनकी पैदाइश की खुशी मनाते हैं। इमाम अरशदुल कादरी की अपील से जुलूस में शामिल लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होगा और वे जुलूस को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से निकालने में सहयोग करेंगे।
